तृण तृण बिखरती तृणमूल
जब 4 मई 2026 को बंगाल जनता ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार की विदाई का जनादेश सुनाया तब किसी ने भी सपने नहीं सोचा था कि इस हार के बाद तृणमूल कांग्रेस तृण तृण होकर बिखरने लगेगी। बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 80 विधायक जीतकर आए थे जिनमें से पहले 58 विधायक अलग हुए फिर उनकी संख्या बढ़कर 64 हो गई, नेता प्रतिपक्ष भी उन्होंने अपने मन का बना लिया। लोकसभा में 19 सांसदों ने बागी होकर अलग गुट बना लिया है, बागियों की संख्या आगे भी बढ़ सकती है। राज्यसभा सांसदों के त्यागपत्र भी आ रहे हैं। राज्यसभा

जब 4 मई 2026 को बंगाल जनता ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार की विदाई का जनादेश सुनाया तब किसी ने भी सपने नहीं सोचा था कि इस हार के बाद तृणमूल कांग्रेस तृण तृण होकर बिखरने लगेगी। बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 80 विधायक जीतकर आए थे जिनमें से पहले 58 विधायक अलग हुए फिर उनकी संख्या बढ़कर 64 हो गई, नेता प्रतिपक्ष भी उन्होंने अपने मन का बना लिया। लोकसभा में 19 सांसदों ने बागी होकर अलग गुट बना लिया है, बागियों की संख्या आगे भी बढ़ सकती है। राज्यसभा सांसदों के त्यागपत्र भी आ रहे हैं। राज्यसभा
Source: Prabhasakshi
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