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22 साल जेल में रहा बेगुनाह, सुप्रीम कोर्ट की फटकार- ट्रायल कोर्ट ने जांच सही से नहीं की, हाई कोर्ट मूकदर्शक बना रहा

शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। उससे थर्ड डिग्री (यातना) देकर इकबालिया बयान लिया गया, जिसे कानून में सबूत के तौर पर स्वीकार भी नहीं किया जा सकता था। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की सही तरीके से जांच नहीं की और हाई कोर्ट भी मूकदर्शक बना रहा।

जनसत्ता न्यूज डेस्क6 Aug 2026, 08:46👁 0 views
22 साल जेल में रहा बेगुनाह, सुप्रीम कोर्ट की फटकार- ट्रायल कोर्ट ने जांच सही से नहीं की, हाई कोर्ट मूकदर्शक बना रहा
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शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। उससे थर्ड डिग्री (यातना) देकर इकबालिया बयान लिया गया, जिसे कानून में सबूत के तौर पर स्वीकार भी नहीं किया जा सकता था। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की सही तरीके से जांच नहीं की और हाई कोर्ट भी मूकदर्शक बना रहा।

Source: Jansatta

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