अब शिवाजी, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह जैसे लोग क्यों नहीं मिलते?
आज के एक-दूसरे पर निर्भर समाज में युवाओं, खासकर जेनरेशन जेड (जेन ज़ी) का व्यवहार समाज के लिए बहुत चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्हें अक्सर बेसब्री, बिना सोचे-समझे सोचने की आदत और कुछ मामलों में, बुरे बर्ताव वाला माना जाता है। यह सोच, हालांकि आम हो सकती है, और हर व्यक्ति में अलग-अलग भी हो सकती है। लेकिन यह इसके अंदरूनी कारणों और समाज की संभावित प्रतिक्रियाओं की एक ज़रूरी जांच को बढ़ावा देती है। इन उभरते हुए पैटर्न को समझने के लिए एक बहुआयामी नज़रिए की ज़रूरत है, जिसमें टेक्नोलॉजी में तरक्की, पढ

आज के एक-दूसरे पर निर्भर समाज में युवाओं, खासकर जेनरेशन जेड (जेन ज़ी) का व्यवहार समाज के लिए बहुत चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्हें अक्सर बेसब्री, बिना सोचे-समझे सोचने की आदत और कुछ मामलों में, बुरे बर्ताव वाला माना जाता है। यह सोच, हालांकि आम हो सकती है, और हर व्यक्ति में अलग-अलग भी हो सकती है। लेकिन यह इसके अंदरूनी कारणों और समाज की संभावित प्रतिक्रियाओं की एक ज़रूरी जांच को बढ़ावा देती है। इन उभरते हुए पैटर्न को समझने के लिए एक बहुआयामी नज़रिए की ज़रूरत है, जिसमें टेक्नोलॉजी में तरक्की, पढ
Source: Prabhasakshi
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