डेढ़ साल में 47% संस्थानों का ही रजिस्ट्रेशन
कुणाल किशोर | जहानाबाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में चल रहे सरकारी प्रयासों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है। इससे सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारात्मक अवधारणा को धरातल पर साकार में फिलहाल परेशानी हो रही है। वस्तुत: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं मसलन निजी अस्पताल, दवा दुकान के थोक एवं खुदरा विक्रेता, नर्सिंग होम, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी, लैब और रेडियोलॉजी केंद्र को अनिवार्
कुणाल किशोर | जहानाबाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में चल रहे सरकारी प्रयासों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है। इससे सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारात्मक अवधारणा को धरातल पर साकार में फिलहाल परेशानी हो रही है। वस्तुत: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं मसलन निजी अस्पताल, दवा दुकान के थोक एवं खुदरा विक्रेता, नर्सिंग होम, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी, लैब और रेडियोलॉजी केंद्र को अनिवार्
Source: Bhaskar
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