AI से बने फ़र्ज़ी फ़ैसलों पर विवाद; सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट ने वकीलों को चेतावनी दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में बिना जांचे-परखे एआई-जनरेटेड फर्जी फैसलों और कानूनी मिसालों (AI-Generated Fake Citations) के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाते हुए 'जीरो-टॉलरेंस' रुख अपनाया है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने NCLT के एक आदेश को सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि वह एआई द्वारा बनाए गए 6 गैर-मौजूद फर्जी फैसलों पर आधारित था। कोर्ट ने इसे वकीलों का 'पेशेवर कदाचार' और जजों की 'गंभीर चूक' बताया है। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को इस संबंध में सख्त नियम और गाइडलाइंस
सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में बिना जांचे-परखे एआई-जनरेटेड फर्जी फैसलों और कानूनी मिसालों (AI-Generated Fake Citations) के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाते हुए 'जीरो-टॉलरेंस' रुख अपनाया है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने NCLT के एक आदेश को सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि वह एआई द्वारा बनाए गए 6 गैर-मौजूद फर्जी फैसलों पर आधारित था। कोर्ट ने इसे वकीलों का 'पेशेवर कदाचार' और जजों की 'गंभीर चूक' बताया है। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को इस संबंध में सख्त नियम और गाइडलाइंस
Source: Rokthok Lekhani
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