हादसे के बाद शोर, फिर खामोशी, जिम्मेदार कौन?
सबसे बड़ा सवाल यह नहीं कि बच्चा बोरवेल में कैसे गिरा, बल्कि यह है कि खुला और अनुपयोगी बोरवेल वहां था ही क्यों? यदि नियमों के अनुसार उसे समय रहते बंद कर दिया जाता, सुरक्षा घेरा लगाया जाता और स्थानीय प्रशासन नियमित निगरानी करता, तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता था। दुर्भाग्य से हमारे यहां रोकथाम की बजाय हादसे के बाद बड़े रेस्क्यू अभियान पर अधिक जोर दिया जाता है, जबकि थोड़ी-सी सतर्कता कई मासूम जिंदगियां बचा सकती हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह नहीं कि बच्चा बोरवेल में कैसे गिरा, बल्कि यह है कि खुला और अनुपयोगी बोरवेल वहां था ही क्यों? यदि नियमों के अनुसार उसे समय रहते बंद कर दिया जाता, सुरक्षा घेरा लगाया जाता और स्थानीय प्रशासन नियमित निगरानी करता, तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता था। दुर्भाग्य से हमारे यहां रोकथाम की बजाय हादसे के बाद बड़े रेस्क्यू अभियान पर अधिक जोर दिया जाता है, जबकि थोड़ी-सी सतर्कता कई मासूम जिंदगियां बचा सकती हैं।
Source: Patrika News
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