Breaking
भारत-इंग्लैंड पहला टी20 आज, जानिए मैच की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी प्रसारणभारत-इंग्लैंड पहला टी20 आज, जानिए मैच की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी प्रसारणWeather Update : जम्मू-कश्मीर के डोडा में फटे बादल, मचाई भारी तबाही, कई राज्‍यों में IMD का अलर्टबड़ी खबर: जुलाई 2026 से 63% महंगाई भत्ता हुआ कन्फर्म, देखें नया कैलकुलेशन टेबल और श्रम ब्‍यूरो की रिपोर्टक्या है नया AI Investment Scam? NCIB ने लोगों को किया अलर्ट, जानें अब कैसे ठगी का शिकार बना रहे साइबर अपराधीभारत-इंग्लैंड पहला टी20 आज, जानिए मैच की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी प्रसारणभारत-इंग्लैंड पहला टी20 आज, जानिए मैच की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी प्रसारणभारत-इंग्लैंड पहला टी20 आज, जानिए मैच की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी प्रसारणWeather Update : जम्मू-कश्मीर के डोडा में फटे बादल, मचाई भारी तबाही, कई राज्‍यों में IMD का अलर्टबड़ी खबर: जुलाई 2026 से 63% महंगाई भत्ता हुआ कन्फर्म, देखें नया कैलकुलेशन टेबल और श्रम ब्‍यूरो की रिपोर्टक्या है नया AI Investment Scam? NCIB ने लोगों को किया अलर्ट, जानें अब कैसे ठगी का शिकार बना रहे साइबर अपराधीभारत-इंग्लैंड पहला टी20 आज, जानिए मैच की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी प्रसारण
Politics

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आर्टिकल 161 के तहत बनी रेमिशन नीति को बाद की कानूनी नीति से बदला नहीं जा सकता

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सजा में छूट (रेमिशन) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल की संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए बनाई गई रेमिशन नीति को बाद में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धाराओं 432 और 433 के तहत जारी किसी वैधानिक नीति से न तो समाप्त किया जा सकता है और न ही उसका स्थान लिया जा सकता है. न्यायालय ने कहा कि संविधान के तहत प्राप्त शक्तियां स्वतंत्र और सर्वोच्च प्रकृति की होती हैं तथा उन्हें किसी

pradeep dwivedi1 Jul 2026, 11:50👁 0 views
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आर्टिकल 161 के तहत बनी रेमिशन नीति को बाद की कानूनी नीति से बदला नहीं जा सकता
Advertisement

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सजा में छूट (रेमिशन) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल की संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए बनाई गई रेमिशन नीति को बाद में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धाराओं 432 और 433 के तहत जारी किसी वैधानिक नीति से न तो समाप्त किया जा सकता है और न ही उसका स्थान लिया जा सकता है. न्यायालय ने कहा कि संविधान के तहत प्राप्त शक्तियां स्वतंत्र और सर्वोच्च प्रकृति की होती हैं तथा उन्हें किसी

Source: Palpal India

Advertisement

Related News