Breaking
TCS को कर्मचारी डेटा लीक का मिला साइबर अलर्ट, 4 साल पुरानी जानकारी निशाने पर!यूपी के पिछड़े वर्ग के UP छात्रों के लिए बड़ी खबर, 11 अगस्त से छात्रवृत्ति के आवेदन शुरूमहाराष्ट्र में फिर लौटेगा मानसून! 13 अगस्त से कोंकण और मुंबई समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्टकल का मौसम: दिल्ली- यूपी में येलो अलर्ट, MP-बिहार समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनीडीआरडीओ-एचईएमआरएल भर्ती अलर्ट: 50 ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर आवेदन जारी, 28 अगस्त अंतिम तिथिमोतिहारी के विराट रामायण मंदिर में लोगों ने किया जलाभिषेक:जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए अलर्ट, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंगTCS को कर्मचारी डेटा लीक का मिला साइबर अलर्ट, 4 साल पुरानी जानकारी निशाने पर!यूपी के पिछड़े वर्ग के UP छात्रों के लिए बड़ी खबर, 11 अगस्त से छात्रवृत्ति के आवेदन शुरूमहाराष्ट्र में फिर लौटेगा मानसून! 13 अगस्त से कोंकण और मुंबई समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्टकल का मौसम: दिल्ली- यूपी में येलो अलर्ट, MP-बिहार समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनीडीआरडीओ-एचईएमआरएल भर्ती अलर्ट: 50 ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर आवेदन जारी, 28 अगस्त अंतिम तिथिमोतिहारी के विराट रामायण मंदिर में लोगों ने किया जलाभिषेक:जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए अलर्ट, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग
Politics

सावन के दूसरे सोमवार को नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग: राहु-केतु और कालसर्प दोष से मुक्ति के अचूक उपाय

Nag Panchami 2026: इस बार सावन मास के दूसरे सोमवार को ही नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग बन रहा है. करौली के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष उपाध्याय के अनुसार 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन है. इस शुभ दिन भगवान शिव का अभिषेक, पार्थेश्वर पूजन और वेदपाठी ब्राह्मण से पाठ करवाने से राहु-केतु दोष और कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं. कुंडली के क्रूर ग्रहों की शांति के लिए इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करने की सलाह दी गई है.

vicky rathore9 Aug 2026, 08:46👁 0 views
सावन के दूसरे सोमवार को नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग: राहु-केतु और कालसर्प दोष से मुक्ति के अचूक उपाय
Advertisement

Nag Panchami 2026: इस बार सावन मास के दूसरे सोमवार को ही नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग बन रहा है. करौली के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष उपाध्याय के अनुसार 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन है. इस शुभ दिन भगवान शिव का अभिषेक, पार्थेश्वर पूजन और वेदपाठी ब्राह्मण से पाठ करवाने से राहु-केतु दोष और कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं. कुंडली के क्रूर ग्रहों की शांति के लिए इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करने की सलाह दी गई है.

Source: News 18 Hindi

Advertisement

Related News