सरकार ने जिस ऐसफेट को माना था मधुमक्खियों का 'कातिल' उसे सिस्टम ने खेतों में कैसे उतारा?
Acephate Insecticide: मधुमक्खियां केवल शहद की बूंदें नहीं, बल्कि हमारी फसलों की जीवन रेखा भी हैं. खेतों में गुनगुनाती ये नन्ही कड़ियां चुपचाप परागण का वो महायज्ञ करती हैं, जिससे पौधों को जीवन और इंसानों को भोजन मिलता है. यदि ये अनमोल मित्र न रहें, तो कृषि का ताना-बाना बिखर जाएगा और दुनिया भूख के संकट में आ जाएगी. इसलिए खेतों में ‘ऐसफेट’ जैसे जहर छिड़कना, सीधे अपनी थाली पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है.

Acephate Insecticide: मधुमक्खियां केवल शहद की बूंदें नहीं, बल्कि हमारी फसलों की जीवन रेखा भी हैं. खेतों में गुनगुनाती ये नन्ही कड़ियां चुपचाप परागण का वो महायज्ञ करती हैं, जिससे पौधों को जीवन और इंसानों को भोजन मिलता है. यदि ये अनमोल मित्र न रहें, तो कृषि का ताना-बाना बिखर जाएगा और दुनिया भूख के संकट में आ जाएगी. इसलिए खेतों में ‘ऐसफेट’ जैसे जहर छिड़कना, सीधे अपनी थाली पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है.
Source: Kisan Tak
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