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Uttar Pradesh

समय की विसंगतियों का साक्ष्य : अँगूठा दिखाते समीकरण (क्षणिका-संग्रह)

समकालीन हिंदी व्यंग्य साहित्य में चक्रधर शुक्ल उन रचनाकारों में हैं, जिन्होंने समाज की विसंगतियों को केवल देखा या अनुभव नहीं किया, बल्कि उन्हें अपनी रचनात्मक चेतना का आधार बनाकर साहित्य में रूपायित किया है। हास्य-व्यंग्य, क्षणिका, दोहा, मुक्तक, बाल कविता, अकविता तथा आलेख जैसी अनेक विधाओं में सक्रिय चक्रधर शुक्ल का साहित्य सामाजिक यथार्थ का सशक्त दस्तावेज है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के खजुहा ग्राम में जन्मे चक्रधर शुक्ल का रचनाकार लोकजीवन, The post समय की विसंगतियों का साक्ष्य : अँगूठा दिखात

admin15 Aug 2026, 01:11👁 0 views
समय की विसंगतियों का साक्ष्य : अँगूठा दिखाते समीकरण (क्षणिका-संग्रह)
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समकालीन हिंदी व्यंग्य साहित्य में चक्रधर शुक्ल उन रचनाकारों में हैं, जिन्होंने समाज की विसंगतियों को केवल देखा या अनुभव नहीं किया, बल्कि उन्हें अपनी रचनात्मक चेतना का आधार बनाकर साहित्य में रूपायित किया है। हास्य-व्यंग्य, क्षणिका, दोहा, मुक्तक, बाल कविता, अकविता तथा आलेख जैसी अनेक विधाओं में सक्रिय चक्रधर शुक्ल का साहित्य सामाजिक यथार्थ का सशक्त दस्तावेज है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के खजुहा ग्राम में जन्मे चक्रधर शुक्ल का रचनाकार लोकजीवन, The post समय की विसंगतियों का साक्ष्य : अँगूठा दिखात

Source: Avk News Services - Always Relevant News

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