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संपादकीय: संकट में क्षेत्रीय दल
भारतीय राजनीति में अवसरवादिता बढ़ने से क्षेत्रीय दल संकट में हैं, जिसका उदाहरण शिवसेना में टूट और तृणमूल कांग्रेस का बिखराव है। सत्तालोलुपता, विचारधारा से भटकाव और अलोकतांत्रिक कार्यशैली इन दलों के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही है।
jagran news17 Jun 2026, 17:18👁 0 views

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भारतीय राजनीति में अवसरवादिता बढ़ने से क्षेत्रीय दल संकट में हैं, जिसका उदाहरण शिवसेना में टूट और तृणमूल कांग्रेस का बिखराव है। सत्तालोलुपता, विचारधारा से भटकाव और अलोकतांत्रिक कार्यशैली इन दलों के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही है।
Source: Jagran
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