Breaking
Bihar: भागलपुर में फिर कोरोना की दस्तक! बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही मचा अलर्ट, ICU में भर्तीNaina Devi Temple: श्री नयना देवी मंदिर में लाइव दर्शन और 16 आधुनिक सोलर हट्स की शुरुआत, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएंUP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 जुलाई के मुख्य और ताजा समाचारमानसून ने बरपाया का कहर! जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा मौतें, उत्तराखंड, हिमाचल और बंगाल समेत कई राज्यों में हाई अलर्टएजेंसियां अलर्ट, 5 हजार जवान तैनात... CJP के प्रदर्शन पर पुलिस का प्लान'धुरंधर' सिंगर जैस्मिन सैंडलस के साथ लाइव शो में हुई बदसलूकी? वायरल वीडियो देख भड़के फैन, बोले- 'ये उत्पीड़न है'Bihar: भागलपुर में फिर कोरोना की दस्तक! बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही मचा अलर्ट, ICU में भर्तीNaina Devi Temple: श्री नयना देवी मंदिर में लाइव दर्शन और 16 आधुनिक सोलर हट्स की शुरुआत, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएंUP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 जुलाई के मुख्य और ताजा समाचारमानसून ने बरपाया का कहर! जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा मौतें, उत्तराखंड, हिमाचल और बंगाल समेत कई राज्यों में हाई अलर्टएजेंसियां अलर्ट, 5 हजार जवान तैनात... CJP के प्रदर्शन पर पुलिस का प्लान'धुरंधर' सिंगर जैस्मिन सैंडलस के साथ लाइव शो में हुई बदसलूकी? वायरल वीडियो देख भड़के फैन, बोले- 'ये उत्पीड़न है'
Technology

शनि की वक्री चाल और गुरु के नक्षत्र परिवर्तन से चमकेगी किस्मत, 19 से 27 जुलाई तक इन 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले

Saturn Retrograde 2026: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 19 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करेंगे. गुरु को ज्ञान, भाग्य, धर्म, शिक्षा, विवाह, संतान और आर्थिक समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है. गुरु का नक्षत्र परिवर्तन जीवन में विस्तार, नई संभावनाएं और सकारात्मक अवसर लेकर आता है. इसका प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों पर अधिक दिखाई देता है जो लंबे समय से किसी महत्वपूर्ण उपलब्धि या सफलता की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं. शनि की वक्री चाल क्यों मानी जाती है खास? शनि देव वर्तमान मे

ranjana sharma18 Jul 2026, 14:07👁 0 views
शनि की वक्री चाल और गुरु के नक्षत्र परिवर्तन से चमकेगी किस्मत, 19 से 27 जुलाई तक इन 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले
Advertisement

Saturn Retrograde 2026: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 19 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करेंगे. गुरु को ज्ञान, भाग्य, धर्म, शिक्षा, विवाह, संतान और आर्थिक समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है. गुरु का नक्षत्र परिवर्तन जीवन में विस्तार, नई संभावनाएं और सकारात्मक अवसर लेकर आता है. इसका प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों पर अधिक दिखाई देता है जो लंबे समय से किसी महत्वपूर्ण उपलब्धि या सफलता की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं. शनि की वक्री चाल क्यों मानी जाती है खास? शनि देव वर्तमान मे

Source: Inkhabar

Advertisement

Related News