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‘लेखक से मिलिए’ में गीतकार कैलाशदान बोले - सामाजिक पीड़ाओं को केंद्र में रख करता हूं रचना

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर राजस्थानी के गीतकार कैलाशदान कविया ने कहा है कि वे समाज में जो कुछ देखते हैं, उसी को केंद्र में रखकर गीतों की रचना करते हैं। फिर उसमें से कोई संदेश ग्रहण करें या न करें, यह श्रोताओं पर निर्भर करता है। यह बात उन्होंने रविवार शाम को यहां अग्रसेन नगर स्थित एक स्कूल में आयोजित सृजन सेवा संस्थान के मासिक कार्यक्रम ‘लेखक से मिलिए’ में कही। उन्होंने कहा कि सामाजिक विद्रूपताओं, विसंगतियों को देखकर उन्हें बहुत पीड़ा होती है। उनके अधिकतर गीत उन्हीं पीड़ाओं पर आधारित होते हैं।

दैनिक भास्कर9 Jun 2026, 00:00👁 0 views
‘लेखक से मिलिए’ में गीतकार कैलाशदान बोले - सामाजिक पीड़ाओं को केंद्र में रख करता हूं रचना
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भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर राजस्थानी के गीतकार कैलाशदान कविया ने कहा है कि वे समाज में जो कुछ देखते हैं, उसी को केंद्र में रखकर गीतों की रचना करते हैं। फिर उसमें से कोई संदेश ग्रहण करें या न करें, यह श्रोताओं पर निर्भर करता है। यह बात उन्होंने रविवार शाम को यहां अग्रसेन नगर स्थित एक स्कूल में आयोजित सृजन सेवा संस्थान के मासिक कार्यक्रम ‘लेखक से मिलिए’ में कही। उन्होंने कहा कि सामाजिक विद्रूपताओं, विसंगतियों को देखकर उन्हें बहुत पीड़ा होती है। उनके अधिकतर गीत उन्हीं पीड़ाओं पर आधारित होते हैं।

Source: Bhaskar

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