राष्ट्रीय आम दिवस : 1987 से मनाया जा रहा यह दिवस, 1,000 से अधिक आम की किस्में, कई को मिला है जीआई टैग
कहा जाता है कि 19वीं सदी के मध्य में जब अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर और मशहूर शायर मिर्जा गालिब एक बाग में टहल रहे थे, तब गालिब की नजर पके आमों से लदे एक पेड़ पर पड़ी। इसे देखकर बादशाह ने अगले ही दिन उन्हें बेहतरीन आमों की एक टोकरी भिजवा दी। गालिब ने अपने जीवन में 63 प्रकार के आमों का स्वाद चखने का दावा किया था और अपनी रचनाओं में आम की भरपूर प्रशंसा की है। फलों के राजा आम के स्वाद, स्वास्थ्य लाभ तथा उसके सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व के सम्मान में हर वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस

कहा जाता है कि 19वीं सदी के मध्य में जब अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर और मशहूर शायर मिर्जा गालिब एक बाग में टहल रहे थे, तब गालिब की नजर पके आमों से लदे एक पेड़ पर पड़ी। इसे देखकर बादशाह ने अगले ही दिन उन्हें बेहतरीन आमों की एक टोकरी भिजवा दी। गालिब ने अपने जीवन में 63 प्रकार के आमों का स्वाद चखने का दावा किया था और अपनी रचनाओं में आम की भरपूर प्रशंसा की है। फलों के राजा आम के स्वाद, स्वास्थ्य लाभ तथा उसके सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व के सम्मान में हर वर्ष 22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस
Source: Khas Khabar
Related News

राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, नए महासचिव के नाम पर लगेगी मुहर; CEO चयन पर भी होगी चर्चा

बदायूं में सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव हाउस अरेस्ट, पुलिस का पहरा

Jobs और पेपर लीक मुद्दे पर राजभर ने घेरा अखिलेश को
