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रक्षा आत्मनिर्भरता की ऐतिहासिक उड़ान: स्वदेशी टर्बोजेट इंजन से मिसाइल और ड्रोन शक्ति को मिलेगा नया आयाम
भारत ने रक्षा एवं एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला 350 किलोग्राम थ्रस्ट श्रेणी का स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन विकसित किया है। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास आधुनिक मिसाइलों और मानवरहित प्रणालियों के लिए जेट इंजन विकसित करने की स्वदेशी क्षमता है।
sanjay purohit3 Aug 2026, 00:00👁 0 views

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भारत ने रक्षा एवं एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला 350 किलोग्राम थ्रस्ट श्रेणी का स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन विकसित किया है। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास आधुनिक मिसाइलों और मानवरहित प्रणालियों के लिए जेट इंजन विकसित करने की स्वदेशी क्षमता है।
Source: Ind24
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