Breaking
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट:फिरोजाबाद में मार्ग होंगे गड्ढामुक्त, पेयजल और रोशनी के पुख्ता इंतजाम के निर्देश'तबाही का यह मंजर इतिहास में कभी नहीं देखा', दिग्गजों ने किया अलर्ट, घर बैठे रह जाएंगे लाखों प्रोफेशनल्स!Weather Update आज का मौसम 14 जुलाई: 8 घंटे में 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 Kmph की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं; IMD अपडेटLPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट:फिरोजाबाद में मार्ग होंगे गड्ढामुक्त, पेयजल और रोशनी के पुख्ता इंतजाम के निर्देश'तबाही का यह मंजर इतिहास में कभी नहीं देखा', दिग्गजों ने किया अलर्ट, घर बैठे रह जाएंगे लाखों प्रोफेशनल्स!Weather Update आज का मौसम 14 जुलाई: 8 घंटे में 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 60 Kmph की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं; IMD अपडेटLPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?
Business

यमन की धमकी से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका

यमन ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि की संभावना है। यदि यह जलडमरूमध्य बंद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति भारत के लिए भी गंभीर है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग कच्चे तेल और एलपीजी के आयात के लिए महत्वपूर्ण है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।

narendra chaudhary14 Jul 2026, 09:08👁 0 views
यमन की धमकी से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका
Advertisement

यमन ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि की संभावना है। यदि यह जलडमरूमध्य बंद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति भारत के लिए भी गंभीर है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग कच्चे तेल और एलपीजी के आयात के लिए महत्वपूर्ण है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।

Source: Newzfatafat

Advertisement

Related News