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मुलताई और मंदसौर की तरह भोपाल में भी फायरिंग की स्थिति थी लेकिन सीएम ने सूझबूझ से काम लिया

भोपाल, 30 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 28 और 29 जुलाई को जो कुछ हुआ वह अभूतपूर्व था लेकिन ऐसा मध्य प्रदेश में पहली बार नहीं हो रहा था। इससे पहले दिग्विजय सिंह सरकार के समय मुलताई और शिवराज सिंह सरकार के समय बरेली एवं मंदसौर में इसी प्रकार के उग्र प्रदर्शन हो चुके थे। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की और कई किसान मारे गए। भोपाल में भी बिलकुल वैसी ही स्थिति बनने वाली थी, लेकिन सीएम डॉ मोहन यादव ने सूझबूझ से काम लिया। मुलताई, मंदसौर और नर्मदापुरम के किसान आंदोलन में अंतर दिग्विजय सिंह सर

updesh awasthee30 Jul 2026, 07:16👁 0 views
मुलताई और मंदसौर की तरह भोपाल में भी फायरिंग की स्थिति थी लेकिन सीएम ने सूझबूझ से काम लिया
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भोपाल, 30 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 28 और 29 जुलाई को जो कुछ हुआ वह अभूतपूर्व था लेकिन ऐसा मध्य प्रदेश में पहली बार नहीं हो रहा था। इससे पहले दिग्विजय सिंह सरकार के समय मुलताई और शिवराज सिंह सरकार के समय बरेली एवं मंदसौर में इसी प्रकार के उग्र प्रदर्शन हो चुके थे। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की और कई किसान मारे गए। भोपाल में भी बिलकुल वैसी ही स्थिति बनने वाली थी, लेकिन सीएम डॉ मोहन यादव ने सूझबूझ से काम लिया। मुलताई, मंदसौर और नर्मदापुरम के किसान आंदोलन में अंतर दिग्विजय सिंह सर

Source: Bhopal Samachar

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