मानसून आते ही घरों में क्यों बनने लगती है दाल-पूड़ी, खीर और आम? जानें आर्द्रा नक्षत्र का वो वैज्ञानिक सच जो होश उड़ा देगा
भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में प्रकृति, मौसम और खान-पान का एक बेहद गहरा और अटूट संबंध रहा है। जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद मानसून की पहली फुहारें पड़ती हैं, वैसे ही उत्तर और मध्य भारत के घरों में एक विशेष पारंपरिक थाली तैयार होने लगती है। इस थाली में खासतौर पर गरमा-गरम दाल भरी पूड़ी, मलाईदार चावल की खीर और पके हुए रसीले आम शामिल होते हैं। स्थानीय समाज में इसे 'अद्रा (आर्द्रा) का भोजन' कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल-पूड़ी, खीर और आम के इस खा

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में प्रकृति, मौसम और खान-पान का एक बेहद गहरा और अटूट संबंध रहा है। जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद मानसून की पहली फुहारें पड़ती हैं, वैसे ही उत्तर और मध्य भारत के घरों में एक विशेष पारंपरिक थाली तैयार होने लगती है। इस थाली में खासतौर पर गरमा-गरम दाल भरी पूड़ी, मलाईदार चावल की खीर और पके हुए रसीले आम शामिल होते हैं। स्थानीय समाज में इसे 'अद्रा (आर्द्रा) का भोजन' कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल-पूड़ी, खीर और आम के इस खा
Source: Ni News India
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