मंदिर में दीया कब और कैसे जलाना चाहिए? जानें क्या है शास्त्रों के अनुसार सही विधि और नियम
सनातन हिंदू धर्म में सुबह और शाम की पूजा के दौरान दीपक या दीया जलाना बेहद अनिवार्य और पवित्र माना गया है। दीप प्रज्वलन को अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान और समृद्धि के प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग अनजाने में या सही जानकारी न होने के कारण मंदिर में दीया जलाते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उन्हें पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। शास्त्रों और वास्तु विज्ञान में दीपक जलाने को लेकर बेहद कड़े और सटीक नियम बताए गए हैं। आइए एक आध्यात्मिक रिपोर्टर की नजर से जा

सनातन हिंदू धर्म में सुबह और शाम की पूजा के दौरान दीपक या दीया जलाना बेहद अनिवार्य और पवित्र माना गया है। दीप प्रज्वलन को अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान और समृद्धि के प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग अनजाने में या सही जानकारी न होने के कारण मंदिर में दीया जलाते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उन्हें पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। शास्त्रों और वास्तु विज्ञान में दीपक जलाने को लेकर बेहद कड़े और सटीक नियम बताए गए हैं। आइए एक आध्यात्मिक रिपोर्टर की नजर से जा
Source: Ni News India
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