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मंदिर और दुकानों में पढ़ रहे थे बच्चे, सरकार से नहीं मिली मदद, ग्रामीणों ने बदल दी सरकारी स्कूल की तस्वीर

School Construction with Philanthropic Support: जयपुर के सांभरलेक क्षेत्र की कोच्या की ढाणी में ग्रामीणों, भामाशाहों और नवयुवक मंडल ने शिक्षा के लिए अनूठी मिसाल पेश की है. जर्जर भवन गिराए जाने के बाद सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय गांव के लोगों ने स्वयं लाखों रुपये जुटाकर नए विद्यालय भवन का निर्माण शुरू कराया. पहले डूब क्षेत्र में स्थित स्कूल परिसर का भराव कार्य कराया गया, फिर तीन कमरे और तीन बरामदों की योजना बनाई गई. निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर

dipendra kumawat12 Jun 2026, 02:52👁 0 views
मंदिर और दुकानों में पढ़ रहे थे बच्चे, सरकार से नहीं मिली मदद, ग्रामीणों ने बदल दी सरकारी स्कूल की तस्वीर
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School Construction with Philanthropic Support: जयपुर के सांभरलेक क्षेत्र की कोच्या की ढाणी में ग्रामीणों, भामाशाहों और नवयुवक मंडल ने शिक्षा के लिए अनूठी मिसाल पेश की है. जर्जर भवन गिराए जाने के बाद सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय गांव के लोगों ने स्वयं लाखों रुपये जुटाकर नए विद्यालय भवन का निर्माण शुरू कराया. पहले डूब क्षेत्र में स्थित स्कूल परिसर का भराव कार्य कराया गया, फिर तीन कमरे और तीन बरामदों की योजना बनाई गई. निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर

Source: News 18 Hindi

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