भारत के माथे पर कलंक है 'बालश्रम' की समस्या
‘बालश्रम’ समस्या दशकों से न सिर्फ भारत में, बल्कि समूचे संसार में प्रचलित रही है। वैसे, बालश्रम अपने आप में किसी कलंक से कम नहीं? भारत की बात करें, तो लाखों की संख्या में नौनिहाल विभिन्न राज्यों में किसी न किसी मजबूरी के चलते अपने जीवन को श्रम की भट्टियों में झुका हुआ है। हालांकि, सरकारी और सामाजिक स्तर पर रोकने की कोशिशों में कोई कोर-कसर नहीं? पर, समस्या घटने के जगह बढ़ ही रही है दिनोंदिन। आज ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ है जो सालाना 12 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष-2002 में ‘अंनराष्टृी

‘बालश्रम’ समस्या दशकों से न सिर्फ भारत में, बल्कि समूचे संसार में प्रचलित रही है। वैसे, बालश्रम अपने आप में किसी कलंक से कम नहीं? भारत की बात करें, तो लाखों की संख्या में नौनिहाल विभिन्न राज्यों में किसी न किसी मजबूरी के चलते अपने जीवन को श्रम की भट्टियों में झुका हुआ है। हालांकि, सरकारी और सामाजिक स्तर पर रोकने की कोशिशों में कोई कोर-कसर नहीं? पर, समस्या घटने के जगह बढ़ ही रही है दिनोंदिन। आज ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ है जो सालाना 12 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष-2002 में ‘अंनराष्टृी
Source: Prabhasakshi
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