'बेटों को भी सेना में भेजेंगे', ऑपरेशन सिंदूर के वीर बलिदानियों की गाथा सुन गदगद हुआ देश; वीरांगनाओं का संकल्प बना मिसाल
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जांबाज सैनिकों की शौर्य गाथाएं आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। सरकार ने भले ही अब उन्हें औपचारिक रूप से 'बलिदानी' का दर्जा दिया हो, लेकिन इन वीर परिवारों के लिए तो वे पहले दिन से ही अमर हैं। हिमाचल, हरियाणा, बिहार, राजस्थान और अन्य राज्यों के इन परिवारों का सीना दुख से कहीं अधिक गर्व से फूला हुआ है। कांगड़ा के सूबेदार पवन कुमार जरयाल की वीरांगना सुषमा का कहना है, 'जब उनके घायल होने की सूचना मिली थी

'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जांबाज सैनिकों की शौर्य गाथाएं आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। सरकार ने भले ही अब उन्हें औपचारिक रूप से 'बलिदानी' का दर्जा दिया हो, लेकिन इन वीर परिवारों के लिए तो वे पहले दिन से ही अमर हैं। हिमाचल, हरियाणा, बिहार, राजस्थान और अन्य राज्यों के इन परिवारों का सीना दुख से कहीं अधिक गर्व से फूला हुआ है। कांगड़ा के सूबेदार पवन कुमार जरयाल की वीरांगना सुषमा का कहना है, 'जब उनके घायल होने की सूचना मिली थी
Source: Ni News India
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