बुक रिव्यू- जीवन बदलना है तो अपनी भावनाओं को बदलो:दुख, प्रेम गुस्सा– किसी भावना को दबाओ मत, उसे स्वीकारो, समझो, मुक्त हो जाओ
किताब का नाम: ‘भावना योग-नकारात्मकता का हल’ लेखक: मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी प्रकाशक: निर्ग्रन्थ फाउंडेशन मूल्य: 300 रुपए हम सभी चाहते हैं कि जीवन में शांति हो, रिश्तों में मधुरता हो और मन हर परिस्थिति में संतुलित रहे। लेकिन अक्सर ऐसा नहीं हो पाता। छोटी-छोटी नकारात्मक भावनाएं, जैसे गुस्सा, जलन, असंतोष, अहंकार, अविश्वास, अधीरता या तुलना हमारे भीतर जगह बना लेती हैं। बाहर से सब कुछ ठीक दिखाई देता है, लेकिन भीतर बेचैनी बनी रहती है। सच्चाई यह है कि जीवन की ज्यादातर परेशानियों की शुरुआत बाहर नहीं, हमा
किताब का नाम: ‘भावना योग-नकारात्मकता का हल’ लेखक: मुनिश्री 108 प्रमाणसागर जी प्रकाशक: निर्ग्रन्थ फाउंडेशन मूल्य: 300 रुपए हम सभी चाहते हैं कि जीवन में शांति हो, रिश्तों में मधुरता हो और मन हर परिस्थिति में संतुलित रहे। लेकिन अक्सर ऐसा नहीं हो पाता। छोटी-छोटी नकारात्मक भावनाएं, जैसे गुस्सा, जलन, असंतोष, अहंकार, अविश्वास, अधीरता या तुलना हमारे भीतर जगह बना लेती हैं। बाहर से सब कुछ ठीक दिखाई देता है, लेकिन भीतर बेचैनी बनी रहती है। सच्चाई यह है कि जीवन की ज्यादातर परेशानियों की शुरुआत बाहर नहीं, हमा
Source: Bhaskar
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