बुक रिव्यू- उम्मीद की सबसे खूबसूरत कहानी:एक बुकशॉप, अधूरे रिश्ते और जिंदगी का दस्तावेज, फिर से जीना सीखने के लिए ये किताब पढ़ें
किताब का नाम- मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन (अंग्रेजी किताब ’डेज एट द मोरीसाकी बुकशॉप’ का हिंदी अनुवाद) लेखक- सातोशी यागीसावा अनुवाद- मदन सोनी प्रकाशक- मंजुल पब्लिकेशन मूल्य- 299 रुपए ब्रिटिश फिलॉसफर फ्रांसिस बेकन ने कभी कहा था ‘कुछ किताबें केवल चखने के लिए होती हैं, कुछ निगल जाने के लिए और कुछ को चबा-चबाकर आत्मसात करना पड़ता है।’ उनका यह कथन जापानी लेखक सातोशी यागीसावा की किताब 'मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन' पर सटीक बैठता है। इसे पढ़ते हुए लगता है कि हम चंद पन्ने नहीं पलट रहे, बल्कि किसी की
किताब का नाम- मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन (अंग्रेजी किताब ’डेज एट द मोरीसाकी बुकशॉप’ का हिंदी अनुवाद) लेखक- सातोशी यागीसावा अनुवाद- मदन सोनी प्रकाशक- मंजुल पब्लिकेशन मूल्य- 299 रुपए ब्रिटिश फिलॉसफर फ्रांसिस बेकन ने कभी कहा था ‘कुछ किताबें केवल चखने के लिए होती हैं, कुछ निगल जाने के लिए और कुछ को चबा-चबाकर आत्मसात करना पड़ता है।’ उनका यह कथन जापानी लेखक सातोशी यागीसावा की किताब 'मोरीसाकी बुकशॉप के खुशनुमा दिन' पर सटीक बैठता है। इसे पढ़ते हुए लगता है कि हम चंद पन्ने नहीं पलट रहे, बल्कि किसी की
Source: Bhaskar
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