बीमार मासूमों को ये कैसी सजा?:40 डिग्री की गर्मी-तेज धूप में जांच के लिए 200 मीटर दूर ले जाना मजबूरी
दोपहर के 12:15 बजे हैं। 40 डिग्री पारे के बीच चटक धूप है। सड़कों पर भी बेहद कम भीड़ है। एमबी अस्पताल परिसर में लोग राहत के लिए पेड़ों की छांव में खड़े हैं। लेकिन, दो-तीन महिलाएं हड़बड़ी में जा रही हैं। हरेक के पास नवजात है। कोई 4 तो कोई 30 दिन का; कपड़े में पूरे लिपटा। इनकी सिर्फ सांसों की मद्धम हलचल बाहर महसूस हो रही है। भास्कर ने परिजन व साथ मौजूद स्टाफ से पूछा तो जवाब मिला- बच्चे बाल चिकित्सालय-नर्सरी में भर्ती हैं। सोनोग्राफी जांच करवानी है। रेडियोलॉजी में ले जा रहे हैं। सुनते ही हैरानी हुई
दोपहर के 12:15 बजे हैं। 40 डिग्री पारे के बीच चटक धूप है। सड़कों पर भी बेहद कम भीड़ है। एमबी अस्पताल परिसर में लोग राहत के लिए पेड़ों की छांव में खड़े हैं। लेकिन, दो-तीन महिलाएं हड़बड़ी में जा रही हैं। हरेक के पास नवजात है। कोई 4 तो कोई 30 दिन का; कपड़े में पूरे लिपटा। इनकी सिर्फ सांसों की मद्धम हलचल बाहर महसूस हो रही है। भास्कर ने परिजन व साथ मौजूद स्टाफ से पूछा तो जवाब मिला- बच्चे बाल चिकित्सालय-नर्सरी में भर्ती हैं। सोनोग्राफी जांच करवानी है। रेडियोलॉजी में ले जा रहे हैं। सुनते ही हैरानी हुई
Source: Bhaskar
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