बिना विकल्प हटा दीं इतिहास और संस्कृति की चार किताबें:प्रतियोगी परीक्षाओं में 25 प्रतिशत प्रश्न इन किताबों से होते थे
सरकार और शिक्षा मंत्री के अनुसार पुरानी किताबों में भ्रामक तथ्य शामिल थे। आरोप है कि इतिहास को चयनात्मक (सिलेक्टिव) तरीके से प्रस्तुत किया गया था। पहला कारण यह है कि आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत-2 (कक्षा 12) में अधिकांश उल्लेख कांग्रेस नेताओं का था, जबकि 103 पेज की किताब में अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी का सिर्फ दो पेजों पर जिक्र था। दूसरा कारण स्वर्णिम भारत-1 (कक्षा 11) में भी 84 पेजों पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर अधिक सामग्री होने का आरोप लगाया गया। तीसरा बड़ा कारण यह बताया ग
सरकार और शिक्षा मंत्री के अनुसार पुरानी किताबों में भ्रामक तथ्य शामिल थे। आरोप है कि इतिहास को चयनात्मक (सिलेक्टिव) तरीके से प्रस्तुत किया गया था। पहला कारण यह है कि आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत-2 (कक्षा 12) में अधिकांश उल्लेख कांग्रेस नेताओं का था, जबकि 103 पेज की किताब में अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी का सिर्फ दो पेजों पर जिक्र था। दूसरा कारण स्वर्णिम भारत-1 (कक्षा 11) में भी 84 पेजों पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर अधिक सामग्री होने का आरोप लगाया गया। तीसरा बड़ा कारण यह बताया ग
Source: Bhaskar
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