बाहर आई अंदरखाने की खबर, जब पूरी दुनिया में लगी थी पेट्रोल की कीमतों में आग, तब भारत ने कैसे कम रखे दाम
ईरान और अमेरिका के बीच चले संघर्ष के दौरान जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भीषण उछाल आया था. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 85% आयात पर निर्भर करता है, जिससे देश के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था. इस तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें औसतन 25% से 30% तक बढ़ गईं, वहीं भारत सरकार ने सप्लाई, डिमांड और टैक्स के मोर्चे पर आक्रामक नीति अपनाकर घरेलू कीमतों में इस इजाफे को महज 7% यानी 10 रुपये के भीतर ही सीमित कर दिया

ईरान और अमेरिका के बीच चले संघर्ष के दौरान जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भीषण उछाल आया था. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 85% आयात पर निर्भर करता है, जिससे देश के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था. इस तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें औसतन 25% से 30% तक बढ़ गईं, वहीं भारत सरकार ने सप्लाई, डिमांड और टैक्स के मोर्चे पर आक्रामक नीति अपनाकर घरेलू कीमतों में इस इजाफे को महज 7% यानी 10 रुपये के भीतर ही सीमित कर दिया
Source: News 18 Hindi
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