Breaking
दिल्ली-यूपी में हो रही झमाझम बारिश, मुंबई के लिए अगले 48 घंटे भारी; IMD ने 23 राज्यों में जारी किया अलर्टआज का कन्या राशिफल 9 जुलाई :शनि, राहु का असर साझेदारी में अलर्ट कर रहा, शुक्र से लाभकब, कहां और कैसे 'फ्री' में लाइव देखें भारत-इंग्लैंड का चौथा टी20? जानें लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्सउत्तरप्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 19 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्टउत्तराखंड में आज आफत की बारिश! देहरादून-नैनीताल समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पिथौरागढ़ में 18 सड़कें बंद, नदियां उफान परMeerut: रोहटा में बारिश से जर्जर स्कूल भवन ढहा, बड़ा हादसा टला, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांगदिल्ली-यूपी में हो रही झमाझम बारिश, मुंबई के लिए अगले 48 घंटे भारी; IMD ने 23 राज्यों में जारी किया अलर्टआज का कन्या राशिफल 9 जुलाई :शनि, राहु का असर साझेदारी में अलर्ट कर रहा, शुक्र से लाभकब, कहां और कैसे 'फ्री' में लाइव देखें भारत-इंग्लैंड का चौथा टी20? जानें लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्सउत्तरप्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 19 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्टउत्तराखंड में आज आफत की बारिश! देहरादून-नैनीताल समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पिथौरागढ़ में 18 सड़कें बंद, नदियां उफान परMeerut: रोहटा में बारिश से जर्जर स्कूल भवन ढहा, बड़ा हादसा टला, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
Technology

पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पैसे की कीमत नहीं समझता:दोस्तों को देखकर महंगे कपड़े-खिलौने मांगता है, उसे पैसे की वैल्यू कैसे सिखाएं?

सवाल- हमारा बेटा 10 साल का है और हम एक मिडिल क्लास फैमिली हैं। हम अपने बेटे की जरूरतें पूरी करने की हर संभव कोशिश करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे वो बड़ा हो रहा है, हर नई चीज को अपनी जरूरत समझने लगा है। कभी महंगे जूते, कभी नए खिलौने और कभी ब्रांडेड सामानों की डिमांड करता है। मना करो तो कहता है कि उसके दोस्तों के मम्मी-पापा तो सब दिलाते हैं। वो दूसरों से तुलना करने लगा है। उसे समझ नहीं कि पैसे मेहनत से कमाए जाते हैं। जीवन में हर इच्छा तुरंत पूरी नहीं होती। वो अभी छोटा है। उसकी उम्र के हिसाब से ये बात ह

शिवाकान्त शुक्ल8 Jul 2026, 23:00👁 0 views
पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पैसे की कीमत नहीं समझता:दोस्तों को देखकर महंगे कपड़े-खिलौने मांगता है, उसे पैसे की वैल्यू कैसे सिखाएं?
Advertisement

सवाल- हमारा बेटा 10 साल का है और हम एक मिडिल क्लास फैमिली हैं। हम अपने बेटे की जरूरतें पूरी करने की हर संभव कोशिश करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे वो बड़ा हो रहा है, हर नई चीज को अपनी जरूरत समझने लगा है। कभी महंगे जूते, कभी नए खिलौने और कभी ब्रांडेड सामानों की डिमांड करता है। मना करो तो कहता है कि उसके दोस्तों के मम्मी-पापा तो सब दिलाते हैं। वो दूसरों से तुलना करने लगा है। उसे समझ नहीं कि पैसे मेहनत से कमाए जाते हैं। जीवन में हर इच्छा तुरंत पूरी नहीं होती। वो अभी छोटा है। उसकी उम्र के हिसाब से ये बात ह

Source: Bhaskar

Advertisement

Related News