नागौर...16 साल से कागजों में कैद शहर का विकास: 133 हेक्टेयर पेराफेरी जमीन पर कुण्डली मारकर बैठा है प्रशासन
नागौर. नगरपरिषद को मिलने वाली 133.0886 हेक्टेयर परिधि भूमि पिछले 16 वर्षों से सरकारी फाइलों में अटकी हुई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2010 में भूमि हस्तांतरण के आदेश जारी किए, लेकिन आज तक राजस्व विभाग से नगरपरिषद को कब्जा नहीं मिला। इससे सड़क, नाली, पार्क, कचरा प्रबंधन सहित आधारभूत सुविधाओं के विकास प्रभावित है। भूमि मिलने पर नई आवासीय योजनाएं शुरू हो सकती थीं, कॉलोनियों का विकास होता, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलतीं और शहर का नियोजित विस्तार संभव होता। आदेशों के बावजूद लंबित प्रक्रिया प्रशासनिक उद

नागौर. नगरपरिषद को मिलने वाली 133.0886 हेक्टेयर परिधि भूमि पिछले 16 वर्षों से सरकारी फाइलों में अटकी हुई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2010 में भूमि हस्तांतरण के आदेश जारी किए, लेकिन आज तक राजस्व विभाग से नगरपरिषद को कब्जा नहीं मिला। इससे सड़क, नाली, पार्क, कचरा प्रबंधन सहित आधारभूत सुविधाओं के विकास प्रभावित है। भूमि मिलने पर नई आवासीय योजनाएं शुरू हो सकती थीं, कॉलोनियों का विकास होता, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलतीं और शहर का नियोजित विस्तार संभव होता। आदेशों के बावजूद लंबित प्रक्रिया प्रशासनिक उद
Source: Patrika News
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