नशे का गढ़ बन रहा पूर्वोत्तर का राज्य मिजोरम:म्यांमार से नशे की सीधे होम डिलीवरी, 3 साल में करीब 4000 किलो ड्रग्स जब्त हुई
रात के करीब साढ़े 11 बजे हैं। मिजोरम की राजधानी आइजोल में पारा गिर रहा है और सड़कें लगभग सुनसान हैं। लेकिन, इस सन्नाटे में साधारण कपड़े पहने कुछ युवक हाथों में टॉर्च और लकड़ी के डंडे लिए नजर आए। पूछने पर पता चला कि ये पुलिस नहीं, बल्कि ‘यंग मिजो एसोसिएशन’ (वाईएमए) के वॉलेंटियर्स हैं, जो सूबे की रगों में घोले जा रहे म्यांमार के सिंथेटिक ड्रग्स ‘आइस’ से अगली पीढ़ी को बचाने के लिए पहरा दे रहे हैं। मिजोरम इस समय अपने इतिहास के सबसे भयावह नशा संकट से जूझ रहा है। म्यांमार की 500 किमी लंबी खुली सीमा से
रात के करीब साढ़े 11 बजे हैं। मिजोरम की राजधानी आइजोल में पारा गिर रहा है और सड़कें लगभग सुनसान हैं। लेकिन, इस सन्नाटे में साधारण कपड़े पहने कुछ युवक हाथों में टॉर्च और लकड़ी के डंडे लिए नजर आए। पूछने पर पता चला कि ये पुलिस नहीं, बल्कि ‘यंग मिजो एसोसिएशन’ (वाईएमए) के वॉलेंटियर्स हैं, जो सूबे की रगों में घोले जा रहे म्यांमार के सिंथेटिक ड्रग्स ‘आइस’ से अगली पीढ़ी को बचाने के लिए पहरा दे रहे हैं। मिजोरम इस समय अपने इतिहास के सबसे भयावह नशा संकट से जूझ रहा है। म्यांमार की 500 किमी लंबी खुली सीमा से
Source: Bhaskar
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