Breaking
भारत और इंग्लैंड के बीच अब ODI सीरीज में होगा घमासान, जानिए कब, कहां और कैसे देख पाएंगे Live मैचCOVID-19 Alert: भारत में कोरोना की वापसी, आंध्र प्रदेश में 2 मरीजों की मौत से बढ़ी चिंता; 8 एक्टिव मामलेIRCTC का नया पोर्टल 15 जुलाई से होगा लाइव, टिकट बुकिंग होगी पहले से ज्यादा आसानUP Weather: मानसून की चाल पड़ी धीमी, 18 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम का हाल, आज 30 जिलों में बारिश का अलर्टCG BREAKING: मासूम को भारत विरोधी नारे सिखाने वाला आरोपी वसीम मोहम्मद गिरफ्तारRajasthan 2nd Grade Teacher Exam Analysis [LIVE] 2026: राजस्थान सेकंड ग्रेड टीचर परीक्षा विश्लेषण, यहां देखे लाइव अपडेट्सभारत और इंग्लैंड के बीच अब ODI सीरीज में होगा घमासान, जानिए कब, कहां और कैसे देख पाएंगे Live मैचCOVID-19 Alert: भारत में कोरोना की वापसी, आंध्र प्रदेश में 2 मरीजों की मौत से बढ़ी चिंता; 8 एक्टिव मामलेIRCTC का नया पोर्टल 15 जुलाई से होगा लाइव, टिकट बुकिंग होगी पहले से ज्यादा आसानUP Weather: मानसून की चाल पड़ी धीमी, 18 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम का हाल, आज 30 जिलों में बारिश का अलर्टCG BREAKING: मासूम को भारत विरोधी नारे सिखाने वाला आरोपी वसीम मोहम्मद गिरफ्तारRajasthan 2nd Grade Teacher Exam Analysis [LIVE] 2026: राजस्थान सेकंड ग्रेड टीचर परीक्षा विश्लेषण, यहां देखे लाइव अपडेट्स
Business

नई ग्रामीण रोजगार नीति 'वीबी-जी राम जी' से बढ़ी राज्यों की चिंता, संकट के समय वित्तीय मदद में आ सकती है कमी

VB-G RAM G योजना: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जिसे अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार ऐंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) या वीबी-जी राम जी नाम दिया गया है, यह एक अधिकार-आधारित, मांग-प्रेरित योजना थी जिसने परिवारों को 100 दिनों के अकुशल कार्य का कानूनी अधिकार दिया था। अब इसे एक सूत्र-आधारित, केंद्र द्वारा निर्धारित हस्तांतरण में बदल दिया गया है।

हसीब ए द्राबू12 Jul 2026, 09:36👁 0 views
नई ग्रामीण रोजगार नीति 'वीबी-जी राम जी' से बढ़ी राज्यों की चिंता, संकट के समय वित्तीय मदद में आ सकती है कमी
Advertisement

VB-G RAM G योजना: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जिसे अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार ऐंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) या वीबी-जी राम जी नाम दिया गया है, यह एक अधिकार-आधारित, मांग-प्रेरित योजना थी जिसने परिवारों को 100 दिनों के अकुशल कार्य का कानूनी अधिकार दिया था। अब इसे एक सूत्र-आधारित, केंद्र द्वारा निर्धारित हस्तांतरण में बदल दिया गया है।

Source: Business Standard

Advertisement

Related News