धार्मिक पहचान छिपाकर शादी करने वाले पति को हाईकोर्ट का झटका, पत्नी और बेटी को मिलेगा भरण-पोषण
इंदौर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महिलाओं के अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी महिला ने पुरुष द्वारा अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान छिपाकर किए गए विवाह के आधार पर वैवाहिक जीवन बिताया है, तो केवल इस आधार पर कि वह विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं माना गया, महिला को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में महिला के भरण-पोषण के अधिकार से इनकार करना उसके साथ "दोबारा उत्पीड़न" (Further Victimisation) करने जैसा होगा.

इंदौर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महिलाओं के अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी महिला ने पुरुष द्वारा अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान छिपाकर किए गए विवाह के आधार पर वैवाहिक जीवन बिताया है, तो केवल इस आधार पर कि वह विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं माना गया, महिला को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में महिला के भरण-पोषण के अधिकार से इनकार करना उसके साथ "दोबारा उत्पीड़न" (Further Victimisation) करने जैसा होगा.
Source: Palpal India
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