दुष्कर्म से जन्मा बच्चा कलंक नहीं, उसे भी मिले सम्मान और बराबरी का अधिकार : इलाहाबाद हाईकोर्ट
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि दुष्कर्म से जन्मा बच्चा न तो कोई अपराधी है और न ही समाज के लिए कलंक का प्रतीक। ऐसे बच्चे को भी अन्य बच्चों की तरह सम्मान, संवैधानिक संरक्षण और समान अवसर प्राप्त होने चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म की परिस्थितियां उसके मानवीय मूल्य और अधिकारों को कम नहीं करतीं। वास्तविक कलंक उस बच्चे पर नहीं, बल्कि उसके साथ हुई हिंसा, शोषण और अन्याय पर है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ के न
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि दुष्कर्म से जन्मा बच्चा न तो कोई अपराधी है और न ही समाज के लिए कलंक का प्रतीक। ऐसे बच्चे को भी अन्य बच्चों की तरह सम्मान, संवैधानिक संरक्षण और समान अवसर प्राप्त होने चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म की परिस्थितियां उसके मानवीय मूल्य और अधिकारों को कम नहीं करतीं। वास्तविक कलंक उस बच्चे पर नहीं, बल्कि उसके साथ हुई हिंसा, शोषण और अन्याय पर है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ के न
Source: Tarun Mitra
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