Breaking
Jaipur Internet Ban LIVE: जयपुर में इंटरनेट बंद, भारी सुरक्षा के बीच 5 धार्मिक स्थल हटाने की प्रक्रिया शुरू, पढ़ें पल-पल का अपडेटWWDC 2026 में क्या होगा खास? नया Siri और AI फीचर्स पर टिकी नजरें, जानें कहां देखें लाइवKhan Sir Arrest News Live: खान सर की गिरफ्तारी या सरेंडर? आज सबकुछ होगा क्लियर, एक्शन मोड में आई पुलिसIND vs AFG, Only Test Match Day 3 Live Streaming In India: थोड़ी देर में शुरू होगा भारत बनाम अफगानिस्तान के बीच पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मैच का लुफ्तMonsoon Alert: देशभर में तेज हुआ मॉनसून, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्टRajasthan Weather News: राजस्थान में गर्मी-उमस का डबल अटैक, 6 जिलों में आंधी-बारिश और 2 में हीटवेव का अलर्टJaipur Internet Ban LIVE: जयपुर में इंटरनेट बंद, भारी सुरक्षा के बीच 5 धार्मिक स्थल हटाने की प्रक्रिया शुरू, पढ़ें पल-पल का अपडेटWWDC 2026 में क्या होगा खास? नया Siri और AI फीचर्स पर टिकी नजरें, जानें कहां देखें लाइवKhan Sir Arrest News Live: खान सर की गिरफ्तारी या सरेंडर? आज सबकुछ होगा क्लियर, एक्शन मोड में आई पुलिसIND vs AFG, Only Test Match Day 3 Live Streaming In India: थोड़ी देर में शुरू होगा भारत बनाम अफगानिस्तान के बीच पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मैच का लुफ्तMonsoon Alert: देशभर में तेज हुआ मॉनसून, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्टRajasthan Weather News: राजस्थान में गर्मी-उमस का डबल अटैक, 6 जिलों में आंधी-बारिश और 2 में हीटवेव का अलर्ट
Politics

दुष्कर्म से जन्मा बच्चा कलंक नहीं, उसे भी मिले सम्मान और बराबरी का अधिकार : इलाहाबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि दुष्कर्म से जन्मा बच्चा न तो कोई अपराधी है और न ही समाज के लिए कलंक का प्रतीक। ऐसे बच्चे को भी अन्य बच्चों की तरह सम्मान, संवैधानिक संरक्षण और समान अवसर प्राप्त होने चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म की परिस्थितियां उसके मानवीय मूल्य और अधिकारों को कम नहीं करतीं। वास्तविक कलंक उस बच्चे पर नहीं, बल्कि उसके साथ हुई हिंसा, शोषण और अन्याय पर है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ के न

shishir patel8 Jun 2026, 02:48👁 0 views
Advertisement

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि दुष्कर्म से जन्मा बच्चा न तो कोई अपराधी है और न ही समाज के लिए कलंक का प्रतीक। ऐसे बच्चे को भी अन्य बच्चों की तरह सम्मान, संवैधानिक संरक्षण और समान अवसर प्राप्त होने चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म की परिस्थितियां उसके मानवीय मूल्य और अधिकारों को कम नहीं करतीं। वास्तविक कलंक उस बच्चे पर नहीं, बल्कि उसके साथ हुई हिंसा, शोषण और अन्याय पर है। यह टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ के न

Source: Tarun Mitra

Advertisement

Related News