दतिया में चंद्रशेखर आजाद ने सीखी थी पिस्टल की निशानेबाजी:ब्रिटिश पुलिस से बचकर झांसी से साइकिल पर आते थे; दीवान बुंदेला से लेते थे प्रशिक्षण
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने मध्यप्रदेश के दतिया में रहकर पिस्टल से अचूक निशानेबाजी में निपुणता पाई थी। दतिया उन दिनों एक से बढ़कर एक निशानेबाजों का गढ़ था। लखनऊ के पास काकोरी स्टेशन में 9 अगस्त 1925 को ट्रेन से सरकारी खजाना लूटने के बाद आजाद एवं उनके साथियों की गिरफ्तारी के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने जमीन-आसमान एक कर दिए। हालात को भांप आजाद साथियों से अलग होकर बुंदेलखण्ड आ गए और अपनी पहचान छिपाकर रहने लगे। यहां झांसी, ओरछा में रहकर उन्होंने संगठन को नए सिरे से तैयार किया। यहां से वह ब्रिटिश हुकूमत की
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने मध्यप्रदेश के दतिया में रहकर पिस्टल से अचूक निशानेबाजी में निपुणता पाई थी। दतिया उन दिनों एक से बढ़कर एक निशानेबाजों का गढ़ था। लखनऊ के पास काकोरी स्टेशन में 9 अगस्त 1925 को ट्रेन से सरकारी खजाना लूटने के बाद आजाद एवं उनके साथियों की गिरफ्तारी के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने जमीन-आसमान एक कर दिए। हालात को भांप आजाद साथियों से अलग होकर बुंदेलखण्ड आ गए और अपनी पहचान छिपाकर रहने लगे। यहां झांसी, ओरछा में रहकर उन्होंने संगठन को नए सिरे से तैयार किया। यहां से वह ब्रिटिश हुकूमत की
Source: Bhaskar
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