तैयार हो रही है नई 'फ्रंटलाइन', जहां हथियार नहीं, हुनर है सबसे बड़ा हथियार
कभी नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहा बस्तर अब शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ने की कोशिश कर रहा है. दंतेवाड़ा के पोटाली गांव की छात्रा दीपा मरकाम का नीट में सफल होना, 'छू लो आसमान' और ज्ञानगुड़ी जैसे संस्थानों से डॉक्टर बनते युवा, पूर्व नक्सलियों का स्किल ट्रेनिंग से रोजगार की ओर बढ़ना और पर्यटन परियोजनाओं पर काम, इस बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं. सरकार सुरक्षा के साथ शिक्षा और रोजगार पर भी फोकस बढ़ा रही है.

कभी नक्सल हिंसा के लिए चर्चित रहा बस्तर अब शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ने की कोशिश कर रहा है. दंतेवाड़ा के पोटाली गांव की छात्रा दीपा मरकाम का नीट में सफल होना, 'छू लो आसमान' और ज्ञानगुड़ी जैसे संस्थानों से डॉक्टर बनते युवा, पूर्व नक्सलियों का स्किल ट्रेनिंग से रोजगार की ओर बढ़ना और पर्यटन परियोजनाओं पर काम, इस बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं. सरकार सुरक्षा के साथ शिक्षा और रोजगार पर भी फोकस बढ़ा रही है.
Source: Aaj Tak
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