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तप और समाज से जुड़ाव है साहित्य का आधार : प्रो. विश्वनाथ तिवारी
नेहा साहित्य वार्षिकी के विमर्श में साहित्य, समाज और डिजिटल युग पर हुई चर्चा। भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में स्थान मिले : प्रो. राकेश सिन्हा। साहित्य सोच का दायरा बढ़ाता है: प्रो. पूनम टंडन।
गोरखपुर ब्यूरो19 Jul 2026, 20:36👁 0 views

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नेहा साहित्य वार्षिकी के विमर्श में साहित्य, समाज और डिजिटल युग पर हुई चर्चा। भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में स्थान मिले : प्रो. राकेश सिन्हा। साहित्य सोच का दायरा बढ़ाता है: प्रो. पूनम टंडन।
Source: Amar Ujala
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