डॉ. अमरीश सिन्हा: ज्योतिष का आधार अंधविश्वास नहीं, विवेक और आत्मबोध
मुंबई के प्रख्यात ज्योतिषविद् डॉ. अमरीश सिन्हा से राजेश कुमार सिन्हा की विशेष बातचीत भारतीय ज्ञान-परंपरा में ज्योतिष का स्थान सदैव विशेष रहा है. वेदों के छह अंगों में सम्मिलित यह विद्या केवल ग्रह-नक्षत्रों की गणना तक सीमित नहीं रही, बल्कि समय, प्रकृति और मानव जीवन के परस्पर संबंधों को समझने का एक माध्यम मानी गई. समय के साथ इसकी लोकप्रियता भी बढ़ी है और इसके प्रति प्रश्न भी. एक ओर इसे प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान की परंपरा कहा जाता है, तो दूसरी ओर इसे अंधविश्वास की दृष्टि से भी देखा जाता है. ऐसे समय म

मुंबई के प्रख्यात ज्योतिषविद् डॉ. अमरीश सिन्हा से राजेश कुमार सिन्हा की विशेष बातचीत भारतीय ज्ञान-परंपरा में ज्योतिष का स्थान सदैव विशेष रहा है. वेदों के छह अंगों में सम्मिलित यह विद्या केवल ग्रह-नक्षत्रों की गणना तक सीमित नहीं रही, बल्कि समय, प्रकृति और मानव जीवन के परस्पर संबंधों को समझने का एक माध्यम मानी गई. समय के साथ इसकी लोकप्रियता भी बढ़ी है और इसके प्रति प्रश्न भी. एक ओर इसे प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान की परंपरा कहा जाता है, तो दूसरी ओर इसे अंधविश्वास की दृष्टि से भी देखा जाता है. ऐसे समय म
Source: Palpal India
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