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ज्ञान, कौशल और चरित्र: विकसित भारत 2047 की शिक्षा दृष्टि

“भगवन्! मनुष्य के लिए कौन-सा मार्ग श्रेष्ठ है?”- बालक नचिकेता ने यमराज से प्रश्न किया। यमराज ने उत्तर दिया- “श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतः तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः। श्रेयो हि धीरः अभि प्रेयसो वृणीते, प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद् वृणीते॥” अर्थात् मनुष्य के समक्ष सदैव दो मार्ग उपस्थित रहते हैं- श्रेय, जो दीर्घकालिक कल्याण का मार्ग है, और प्रेय, [...]

डाॅ. मयंक चतुर्वेदी2 Aug 2026, 08:33👁 0 views
ज्ञान, कौशल और चरित्र: विकसित भारत 2047 की शिक्षा दृष्टि
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“भगवन्! मनुष्य के लिए कौन-सा मार्ग श्रेष्ठ है?”- बालक नचिकेता ने यमराज से प्रश्न किया। यमराज ने उत्तर दिया- “श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतः तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः। श्रेयो हि धीरः अभि प्रेयसो वृणीते, प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद् वृणीते॥” अर्थात् मनुष्य के समक्ष सदैव दो मार्ग उपस्थित रहते हैं- श्रेय, जो दीर्घकालिक कल्याण का मार्ग है, और प्रेय, [...]

Source: Panchjanya

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