जरूरत की खबर- छोटे–छोटे बच्चों को लग रहा चश्मा:ज्यादा स्क्रीन टाइम से बढ़ा मायोपिया, AIOS की गाइडलाइन, बरतें 10 जरूरी सावधानियां
आजकल बच्चों का ज्यादातर वक्त मोबाइल, टैबलेट और टीवी स्क्रीन के सामने बीतता है। उनकी आउटडोर एक्टिविटी कम हो रही है। इस बदलती लाइफस्टाइल का असर उनकी आंखों पर भी पड़ रहा है। इसके कारण मायोपिया (दूर का कम दिखना) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ की एक स्टडी के मुताबिक, 2050 तक दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी को चश्मा लगाना पड़ सकता है। भारत में शहरी इलाकों में करीब 14% बच्चों को मायोपिया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पिछले एक दशक में तेजी से मामले बढ़े हैं। इसी खतरे को देख
आजकल बच्चों का ज्यादातर वक्त मोबाइल, टैबलेट और टीवी स्क्रीन के सामने बीतता है। उनकी आउटडोर एक्टिविटी कम हो रही है। इस बदलती लाइफस्टाइल का असर उनकी आंखों पर भी पड़ रहा है। इसके कारण मायोपिया (दूर का कम दिखना) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ की एक स्टडी के मुताबिक, 2050 तक दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी को चश्मा लगाना पड़ सकता है। भारत में शहरी इलाकों में करीब 14% बच्चों को मायोपिया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पिछले एक दशक में तेजी से मामले बढ़े हैं। इसी खतरे को देख
Source: Bhaskar
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