जरूरत की खबर- अकेलापन रोज 15 सिगरेट पीने के बराबर:बढ़ता हार्ट डिजीज, डिप्रेशन, कैंसर का रिस्क, डॉक्टर से समझें लोनलीनेस का साइंस
इस डिजिटल एज में लोगों के पास एक-दूसरे से जुड़ने के कई साधन हैं। फोन कॉल, मैसेज, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए हम कभी भी किसी से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अकेलेपन का शिकार हैं। अकेलापन वह अनुभव है, जब व्यक्ति को लगता है कि उसे सुनने, समझने या इमोशनली सपोर्ट करने वाला कोई नहीं है। साल 2017 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अकेलापन रोज 15 सिगरेट पीने जितना नुकसानदायक है। इसका शरीर पर बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गे
इस डिजिटल एज में लोगों के पास एक-दूसरे से जुड़ने के कई साधन हैं। फोन कॉल, मैसेज, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए हम कभी भी किसी से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अकेलेपन का शिकार हैं। अकेलापन वह अनुभव है, जब व्यक्ति को लगता है कि उसे सुनने, समझने या इमोशनली सपोर्ट करने वाला कोई नहीं है। साल 2017 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, अकेलापन रोज 15 सिगरेट पीने जितना नुकसानदायक है। इसका शरीर पर बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गे
Source: Bhaskar
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