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चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवालों पर मोदी सरकार के तर्कपूर्ण जवाब

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर ऐसी बहस छिड़ी, मानो लोकतंत्र की सबसे अहम संस्थाओं में से एक का भविष्य न्यायालय के कटघरे में खड़ा हो। एक ओर संविधान की आत्मा और निष्पक्ष चुनाव की कसौटी पर सवाल उठाते न्यायाधीश थे तो दूसरी ओर संसद की सर्वोच्चता और प्रधानमंत्री पद की गरिमा का पक्ष मजबूती से रखती केंद्र सरकार। सवालों और जवाबों का यह सिलसिला कई बार अदालत की बहस से आगे बढ़कर लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणाओं पर गहन विमर्श में बदल गया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश च

नीरज कुमार दुबे31 Jul 2026, 07:45👁 0 views
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवालों पर मोदी सरकार के तर्कपूर्ण जवाब
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सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर ऐसी बहस छिड़ी, मानो लोकतंत्र की सबसे अहम संस्थाओं में से एक का भविष्य न्यायालय के कटघरे में खड़ा हो। एक ओर संविधान की आत्मा और निष्पक्ष चुनाव की कसौटी पर सवाल उठाते न्यायाधीश थे तो दूसरी ओर संसद की सर्वोच्चता और प्रधानमंत्री पद की गरिमा का पक्ष मजबूती से रखती केंद्र सरकार। सवालों और जवाबों का यह सिलसिला कई बार अदालत की बहस से आगे बढ़कर लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणाओं पर गहन विमर्श में बदल गया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश च

Source: Prabhasakshi

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