चापलूसी का बोलबाला
चापलूसी का बोलबाला - लक्ष्मीनारायण सेन मोहन और सोहन दोनों परम मित्र है।एक दूसरे के बैगेर ये दोनों रहा नहीं करते। दोनों साथ साथ सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई एक ही कालेज में करते। दोनों के विचार राष्ट्रवाद था। दोनों जब भी खाली समय में बैठते तो देश समाज पर हो रही समकालीन घटनाओं पर चर्चा करते। चूंकि दोनों घर से सक्षम थे इस कारण किसी नौकरी के तरफ ध्यान नहीं दिये। दोनों अपना सिविल कंस्ट्रक्शन का काम प्रारंभ करता है। अब दोनों मित्र एक राजनीतिक पार्टी की सदस्यता ग्रहण करता है। दोनों की पार्टी बैठक में आना

चापलूसी का बोलबाला - लक्ष्मीनारायण सेन मोहन और सोहन दोनों परम मित्र है।एक दूसरे के बैगेर ये दोनों रहा नहीं करते। दोनों साथ साथ सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई एक ही कालेज में करते। दोनों के विचार राष्ट्रवाद था। दोनों जब भी खाली समय में बैठते तो देश समाज पर हो रही समकालीन घटनाओं पर चर्चा करते। चूंकि दोनों घर से सक्षम थे इस कारण किसी नौकरी के तरफ ध्यान नहीं दिये। दोनों अपना सिविल कंस्ट्रक्शन का काम प्रारंभ करता है। अब दोनों मित्र एक राजनीतिक पार्टी की सदस्यता ग्रहण करता है। दोनों की पार्टी बैठक में आना
Source: Newsprahari
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