‘गो-गो की वापसी’ : बाल-संवेदना, जीवन-मूल्यों और कल्पनाशीलता का सशक्त कहानी-संसार
हिंदी बालसाहित्य का उद्देश्य केवल बच्चों का मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास करना भी है। श्रेष्ठ बालसाहित्य वह है, जो बालक की सहज जिज्ञासा, कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता और नैतिक चेतना को बिना किसी आरोपित उपदेश के विकसित करे। वह बालक को उसके परिवेश से जोड़ते हुए जीवन के विविध अनुभवों से The post ‘गो-गो की वापसी’ : बाल-संवेदना, जीवन-मूल्यों और कल्पनाशीलता का सशक्त कहानी-संसार first appeared on AVK NEWS SERVICES .

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