गाजीपुर का महाहर धाम, राजा दशरथ से जुड़ी है कथा:सावन में लाखों श्रद्धालु करते हैं जलाभिषेक, पूर्वांचल का प्रमुख शिवधाम
गाजीपुर का महाहर धाम शिव मंदिर पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में से एक है। 'लहुरी काशी' के नाम से प्रसिद्ध यह सिद्धपीठ सावन और महाशिवरात्रि के दौरान आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है। इस दौरान पूर्वांचल के साथ बिहार समेत पड़ोसी राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाहर धाम का संबंध त्रेतायुग से है। कहा जाता है कि राजा दशरथ ने इस स्थल का निर्माण कराया था। यहीं उनके शब्दभेदी बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु हुई थी। मंद
गाजीपुर का महाहर धाम शिव मंदिर पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में से एक है। 'लहुरी काशी' के नाम से प्रसिद्ध यह सिद्धपीठ सावन और महाशिवरात्रि के दौरान आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है। इस दौरान पूर्वांचल के साथ बिहार समेत पड़ोसी राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाहर धाम का संबंध त्रेतायुग से है। कहा जाता है कि राजा दशरथ ने इस स्थल का निर्माण कराया था। यहीं उनके शब्दभेदी बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु हुई थी। मंद
Source: Bhaskar
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