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खो गई वो सुर्खी...:भोपाल के नवाब जहां से मंगवाते थे बांग्ला पान, वह पान वाली देवरी अब संकट में, 100 से घटकर सिर्फ 15 परिवारों में सिमटी खेती

भोपाल रियासत के नवाबी दौर में जिस बांग्ला पान के स्वाद के नवाब भी मुरीद हुआ करते थे, आज उसी पान वाली देवरी का ऐतिहासिक वजूद संकट में है। कभी 100 से अधिक परिवारों की आजीविका का साधन रही यह पारंपरिक खेती आज बढ़ते तापमान, सिंचाई के अभाव और प्रदूषित पानी के कारण सिमटकर महज 15 से 20 परिवारों तक रह गई है। सदियों पुरानी इस लुप्त होती धरोहर को बचाने के लिए अब प्रशासन आगे आया है। हाल ही में एसडीएम अंकित जैन ने खुद बराजों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और किसानों को इसे पुनर्जीवित करने का भरोसा दिलाया। उ

अवधेश गुप्ता29 Jun 2026, 00:02👁 0 views
खो गई वो सुर्खी...:भोपाल के नवाब जहां से मंगवाते थे बांग्ला पान, वह पान वाली देवरी अब संकट में, 100 से घटकर सिर्फ 15 परिवारों में सिमटी खेती
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भोपाल रियासत के नवाबी दौर में जिस बांग्ला पान के स्वाद के नवाब भी मुरीद हुआ करते थे, आज उसी पान वाली देवरी का ऐतिहासिक वजूद संकट में है। कभी 100 से अधिक परिवारों की आजीविका का साधन रही यह पारंपरिक खेती आज बढ़ते तापमान, सिंचाई के अभाव और प्रदूषित पानी के कारण सिमटकर महज 15 से 20 परिवारों तक रह गई है। सदियों पुरानी इस लुप्त होती धरोहर को बचाने के लिए अब प्रशासन आगे आया है। हाल ही में एसडीएम अंकित जैन ने खुद बराजों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और किसानों को इसे पुनर्जीवित करने का भरोसा दिलाया। उ

Source: Bhaskar

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