खान सर से दुश्मनी; भाई की मौत-रौशन आनंद की कहानी:पिता ने जमीन बेचकर कोटा भेजा, BPSC की मेरिट में चूके, कर्ज लेकर बनाई ‘दरोगा फैक्ट्री’
"मैं अधिकारी नहीं बन पाया, लेकिन मेरे हजारों छात्र आज वर्दी पहनकर सेवा दे रहे हैं।" इसी एक लाइन में रौशन आनंद की पूरी कहानी छिपी हुई है। सहरसा के धमसेना गांव के एक किसान परिवार से निकलकर पटना में संघर्ष, गरीबी, असफलता और कर्ज के बीच अपनी पहचान बनाने वाले रौशन आनंद आज बिहार के चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं। एक समय ऐसा था जब रौशन का इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह गया। BPSC और UPSC में इंटरव्यू तक पहुंचकर भी सफलता नहीं मिली। कई बार बिहार पुलिस फिजिकल टेस्ट में असफल होना पड़ा। इन असफलताओं ने उन्
"मैं अधिकारी नहीं बन पाया, लेकिन मेरे हजारों छात्र आज वर्दी पहनकर सेवा दे रहे हैं।" इसी एक लाइन में रौशन आनंद की पूरी कहानी छिपी हुई है। सहरसा के धमसेना गांव के एक किसान परिवार से निकलकर पटना में संघर्ष, गरीबी, असफलता और कर्ज के बीच अपनी पहचान बनाने वाले रौशन आनंद आज बिहार के चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं। एक समय ऐसा था जब रौशन का इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह गया। BPSC और UPSC में इंटरव्यू तक पहुंचकर भी सफलता नहीं मिली। कई बार बिहार पुलिस फिजिकल टेस्ट में असफल होना पड़ा। इन असफलताओं ने उन्
Source: Bhaskar
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