कोई नौकरी जिंदगी से बड़ी नहीं, फिर भी क्यों बढ़ रहा कॉर्पोरेट दबाव
राजेश जैन दक्षिण अफ्रीका की 29 वर्षीय कर्मचारी सीना धलधला की मौत ने दुनिया भर में एक असहज लेकिन जरूरी सवाल खड़ा कर दिया है-क्या आधुनिक कॉर्पोरेट व्यवस्था इंसानों को धीरे-धीरे मशीनों में बदल रही है? दरअसल यह केवल एक कर्मचारी की मौत की कहानी नहीं, बल्कि उस कार्य संस्कृति का आईना है जिसमें लक्ष्य, ... The post कोई नौकरी जिंदगी से बड़ी नहीं, फिर भी क्यों बढ़ रहा कॉर्पोरेट दबाव appeared first on Ravivar Delhi .

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Source: Ravivar Delhi
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