किसी मृत व्यक्ति के वस्त्र और आभूषण क्यों नहीं पहनने चाहिए? जानिए गरुड़ पुराण, ऊर्जा विज्ञान और मनोविज्ञान के अनुसार इसके पीछे के बड़े कारण
धर्म, संस्कृति एवं जीवनशैली डेस्क: हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक 16 संस्कारों का विधान है। मृत्यु के पश्चात किए जाने वाले अंतिम संस्कार और गरुड़ पुराण (Garuda Purana) के नियमों का सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। किसी प्रियजन के देहांत के बाद अक्सर परिवार के लोग समझ नहीं पाते कि मृतक के पीछे छूटे सामान, जैसे—वस्त्र (कपड़े), आभूषण (गहने), घड़ी या अन्य दैनिक वस्तुओं का क्या किया जाए। कई बार लोग मोहवश या वस्तु के महंगे होने के कारण मृत व्यक्ति के कपड़े और गहनों का स्वयं उपयोग करने लगते हैं।

धर्म, संस्कृति एवं जीवनशैली डेस्क: हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक 16 संस्कारों का विधान है। मृत्यु के पश्चात किए जाने वाले अंतिम संस्कार और गरुड़ पुराण (Garuda Purana) के नियमों का सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। किसी प्रियजन के देहांत के बाद अक्सर परिवार के लोग समझ नहीं पाते कि मृतक के पीछे छूटे सामान, जैसे—वस्त्र (कपड़े), आभूषण (गहने), घड़ी या अन्य दैनिक वस्तुओं का क्या किया जाए। कई बार लोग मोहवश या वस्तु के महंगे होने के कारण मृत व्यक्ति के कपड़े और गहनों का स्वयं उपयोग करने लगते हैं।
Source: Ni News India
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