कांवड़ यात्रा की शुरुआत कब हुई? सावन में ही क्यों निकलती है यात्रा... ये आस्था है या इसके पीछे कोई विज्ञान
When Kanwar Yatra First Started: सावन शुरू होते ही देशभर में हर-हर महादेव के जयकारों के साथ कांवड़ यात्रा की धूम है. हरिद्वार, सुल्तानगंज-देवघर और गंगोत्री मुख्य कांवड़ यात्राएं हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के विष की ज्वाला शांत करने के लिए भगवान शिव पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई थी, जिसे रावण और परशुराम ने आगे बढ़ाया. कठिन नियमों, अनुशासन और अटूट श्रद्धा से भरी यह यात्रा सामाजिक एकता, सेवा भावना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है.

When Kanwar Yatra First Started: सावन शुरू होते ही देशभर में हर-हर महादेव के जयकारों के साथ कांवड़ यात्रा की धूम है. हरिद्वार, सुल्तानगंज-देवघर और गंगोत्री मुख्य कांवड़ यात्राएं हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के विष की ज्वाला शांत करने के लिए भगवान शिव पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई थी, जिसे रावण और परशुराम ने आगे बढ़ाया. कठिन नियमों, अनुशासन और अटूट श्रद्धा से भरी यह यात्रा सामाजिक एकता, सेवा भावना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है.
Source: News 18 Hindi
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