एमयू की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर हाई कोर्ट की मुहर, री-वैल्यूएशन मांगने वाले छात्रों पर जुर्माना
जबलपुर. मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयू) की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए इसे पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय माना है. हाई कोर्ट की युगलपीठ ने पुनर्मूल्यांकन की मांग करने वाले दो छात्रों की याचिकाएं खारिज कर दीं और दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल अपेक्षा से कम अंक मिलने के आधार पर किसी छात्र को पुनर्मूल्यांकन का अधिकार नहीं मिल जाता. यह आदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया

जबलपुर. मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयू) की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए इसे पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय माना है. हाई कोर्ट की युगलपीठ ने पुनर्मूल्यांकन की मांग करने वाले दो छात्रों की याचिकाएं खारिज कर दीं और दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल अपेक्षा से कम अंक मिलने के आधार पर किसी छात्र को पुनर्मूल्यांकन का अधिकार नहीं मिल जाता. यह आदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया
Source: Palpal India
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